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सांसद बोले, कांग्रेस सड़क से संसद तक बीजेपी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ेगी लडाई
रोहतक, 23 जनवरी (हि.स.)। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अब ये बात सभी को पता चल चुकी है कि भाजपा यंत्र, तंत्र और षड्यंत्र के सहारे सत्ता में पहुंचती है। भाजपा चुनाव को प्रभावित करने के लिये तरह-तरह के हथकंडे अपनाती है। उन्होंने बीजेपी के षड्यंत्र और भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए कहा कि भाजपा रोहतक में जनमत और जनभावना को रोकने के लिये षड्यंत्र रचने का काम कर रही थी, इसे पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने भी स्वीकार किया। मनीष ग्रोवर के बयान से साबित हो गया है कि भाजपा को सत्ता में बैठाने में इनेलो जैसी छोटी पार्टियों की भूमिका रहती है। इस बात को हमने चुनाव से पहले भी कहा था और लगातार कहते आये थे। यह सच भाजपा नेताओं की जबान पर खुद ही आ गया।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार बनाने में षड्यंत्र के अलावा तंत्र में भ्रष्टाचार से अर्जित किया हुआ पैसा शामिल है। इस पैसे का खुला खेल विधानसभा चुनाव में देखा। हरियाणा की जनता कष्ट के दिन काट रही है और भाजपा नेता अरावली काट रहे, कॉलोनी काट रहे और दो घंटे के अंतर में एक ही लाइब्रेरी के दो बार फीते काट रहे हैं। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि रोहतक में अमृत योजना में 300 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ। इसकी जांच के लिए न कोई सीबीआई आयी न ईडी आयी।
इसी तरह सिटी थाने का भूमि घोटाला, चौक के पास एक्सीएन फैक्ट्री का भूमि घोटाला, कहीं अवैध कॉलोनियों का घोटाला हो रहा है तो कहीं कुछ और घोटाला हो रहा है। पूरे प्रदेश में खुलकर घोटाला राज चल रहा है। दीपेंद्र हुड्डा ने मांग करी कि सारे घोटालों की सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। रोहतक में हुए भ्रष्टाचार की लिस्ट लेकर राज्यपाल से मिलेंगे।
ईडी ने 11 साल में दर्ज किये 1064 मुकदमें
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 2014 से 2022 तक ईडी ने 1064 मुकदमे बनाए। इनमें से 1040 मुकदमें विपक्षी नेताओं पर बने, बाकी 24 मुकदमों में एक भी सत्तारूढ़ दल के किसी नेता पर दर्ज नहीं हुए। इतना ही नहीं, विपक्ष के जो नेता इन मुकदमों के दर्ज होने के बाद भाजपा में शामिल हो गये उनके मुकदमों पर विराम लग गया। हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के अनेक बड़े नाम इनका जीता जागता उदाहरण है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल