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गुवाहाटी, 23 जनवरी (हि.स.)। आज शुक्रवार को विद्या, बुद्धि और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा पूरे असम सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। सरस्वती पूजा प्रतिवर्ष माघ माह की शुक्ल पंचमी तिथि को मनाई जाती है।
इस वर्ष 23 जनवरी को सूर्योदय के साथ ही पंचमी तिथि आरंभ होने के कारण आज ही बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में देवी सरस्वती की आराधना से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सरस्वती पूजा के दिन छात्र-छात्राएं देवी की विधिवत पूजा-अर्चना कर ज्ञान, विवेक और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं। शिक्षण संस्थानों में विशेष पूजा, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
बसंत पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि यह प्रकृति में नए उत्साह, सकारात्मकता और नवचेतना के आगमन का भी प्रतीक है। इस दिन चारों ओर पीले रंग की छटा देखने को मिलती है, जो उल्लास और आशा का संदेश देती है।
पूरे दिन शैक्षणिक संस्थानों में उत्सव जैसा माहौल रहा। छात्र-छात्राएं रंग-बिरंगे परिधानों में पूजा में शामिल हुए। विशेष रूप से छात्राएं पारंपरिक मेखेला-चादर और अन्य आकर्षक वस्त्र पहनकर देवी सरस्वती की पूजा में भाग लेते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त करती नजर आईं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश