मंडी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले इलाकों में अमृत वर्षा से चहुं ओर बरसा सोना, टूट गया लंबे सूखे का क्रम
मंडी, 23 जनवरी (हि.स.)। मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई। वहीं पर मंडी जनपद के बड़ादेव के नए पुजारी बोधराज का बारिश के लिए दिया गया परता भी सही साबित हुआ है। जिससे अब उनके देवता का गूर बनने का रास्ता भी साफ हो गया। आने वाले शिवरात्रि महोत्सव
बर्फबारी से बंद रोड़ को बहाल करने में जुटी मशीनरी, बर्फबारी का आनंद लेते लोग।


मंडी, 23 जनवरी (हि.स.)। मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई। वहीं पर मंडी जनपद के बड़ादेव के नए पुजारी बोधराज का बारिश के लिए दिया गया परता भी सही साबित हुआ है। जिससे अब उनके देवता का गूर बनने का रास्ता भी साफ हो गया। आने वाले शिवरात्रि महोत्सव में अब शुक्रवार सुबह पांच बजे से शुरू हुई रिमझिम पूरा दिन जारी रही। बारिश नहीं एक तरह से अमृत बारिश हुई जिसने हर किसी को निहाल कर दिया। यह बारिश सोना बरसने से कम नहीं है। चार महीनों से चला आ रहा सूखा तो इसने खत्म ही किया, फसलों में भी जान डाल दी।

शुक्रवार सुबह गर्जना व हवा के साथ शुरू हुई यह बारिश पूरा दिन कभी धीमी, कभी मध्यम तो कभी तेज दौर में चलती रही। उपरी चोटियों बर्फ से लबालब हो गई और चांदी जैसी चमक आ गई। धूल से भर गए पेड़ों में नई जा आ गई। सड़कों पर जीम धूल बह गई। नदी नालों में भी पानी की हल्की धारा बहने लगी।

मंडी जिले के पराशर, कमरूनाग, चौहार घाटी, बरोट, जंजैहली, गाड़ागुशैनी, शिकारी समेत सभी उपरी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। सेब के बागीचे भी बर्फबारी से लद गए। लोगों ने एक तरह से बारिश व बर्फबारी का जश्न मनाया। ऐसा लगा जैसा बारिश नहीं अमृत बरसा है । इसे लोगों ने सोना बरसने की संज्ञा भी दी। बर्फबारी बारिश से ठंड तो खूब हो गई मगर लोगों ने इसका भरपूर आनंद उठाया।

करसोग उपमंडल के पांगणा क्षेत्र की चारों ओर फैली पर्वत श्रृंखलाओंक शिकारी देवी, शिवादेओरा, मदन गढ़, कनसर, डाबरू द्वार, चौराशणी, रुसवाड़ा,खनियुड़ी, बडार, भुंडल, कंजीहला गलू, फैसीधार, कमरुदेव, निहरी, झुंगी, घरोट, पंडार, चौकी, जाच्छ काण्ढा, भ्याणा गढ़, चरखड़ीदृरेश्टाधार, चिण्ढी तथा फरासधारकृपर बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। करसोग के च्वासी गढ़, धमून, दोफाधार, बैहड़ी धार, माहुंनाग क्षेत्रों में ताजी बर्फ की सफेद चादर बिछने से मौसम में ठंडक लौट आई है। लगभग साढ़े तीन महीने बाद हुई इस बारिश और बर्फबारी को किसान संजीवनी के रूप में देख रहे हैं। लंबे समय से सूखे जैसे हालात झेल रहे किसानों ने 2026 की पहली बारिश और बर्फबारी से राहत की सांस ली है। यह वर्षा व बर्फबारी मटर, आलू, सेब, बादाम, आड़ू, पलम, किवी और खुमानी जैसी नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। क्षेत्र में नमी बढ़ने से भूमि की उर्वरता में सुधार होगा, वहीं सेब व अन्य फलदार पौधों के लिए आवश्यक चिलिंग आवर्स भी पूरे होने की उम्मीद है। बर्फबारी से जल स्रोतों के पुनर्जीवित होने और आगामी खेती सीजन के लिए बेहतर संभावनाएं बनने की आशा जताई जा रही है।

इधर, मंडी के साथ लगते कुल्लू के जलोड़ी जोत के पास कुछ पर्यटक रघुपुर गढ़ की लोकेशन में टेंट में बर्फबारी के कारण उधर फंस गए है। यहां अभी बर्फबारी और तेज हवाएं चल रही है। बर्फीला तूफान चलने से संकट बढ़ गया है। बंजार पुलिस को सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरू हो गया है।

इधर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने भारी बर्फबारी के कारण मौसम में आए बदलाव के दृष्टिगत नागरिकों को सतर्क रहने तथा सावधानी बरतने का परामर्श दिया है। उन्होंने बताया कि आज शुक्रवार प्रातः से ही जिला के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी तथा कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश हो रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा