सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आवश्यक सेवाओं की बहाली है-मुख्यमंत्री उमर
श्रीनगर, 23 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर घाटी में हाल ही में हुई बर्फबारी से नुकसान और व्यवधान तो हुए हैं लेकिन यह क्षेत्र की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और गर्मियों में पानी की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक है
मुख्यमंत्री उमर ने सरकार के विकास रोडमैप के अनुरूप आवश्यकता-आधारित योजना बनाने का किया आह्वान


श्रीनगर, 23 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर घाटी में हाल ही में हुई बर्फबारी से नुकसान और व्यवधान तो हुए हैं लेकिन यह क्षेत्र की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और गर्मियों में पानी की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक है।

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर ने बताया, तेज हवाओं ने बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया है जिससे बिजली आपूर्ति सामान्य 1,700 मेगावाट के मुकाबले घटकर लगभग 100 मेगावाट रह गई है। तेज हवाओं के कारण हमारी पूरी व्यवस्था ठप हो गई है। लेकिन विभाग धीरे-धीरे बिजली व्यवस्था को ठीक कर रहा है और उम्मीद है कि आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक सेवाओं की बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता वाली सड़कों को पहले साफ किया जा रहा है, उसके बाद द्वितीयक मार्गों को और आश्वासन दिया कि सभी सड़कों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, “फिलहाल हमारा ध्यान बिजली, सड़कों और पानी पर है। बाकी चीज़ों पर बाद में विचार किया जाएगा।”

अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में गर्मियों के महीनों के लिए सर्दियों में होने वाली बर्फबारी बहुत ज़रूरी है, खासकर चिल्लाई कलां के दौरान होने वाली बर्फबारी।

उन्होंने कहा, “सर्दियों में गिरने वाली बर्फ गर्मियों में हमारे लिए फायदेमंद होती है। धीरे-धीरे पिघलने से जल संसाधनों को बनाए रखने में मदद मिलती है।” उन्होंने कहा साथ ही यह भी जोड़ा कि अचानक बर्फ पिघलने से अक्सर समस्याएं पैदा होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटी इस मौसम में धैर्यपूर्वक बर्फ का इंतजार कर रही थी। हालांकि उन्होंने असमान वितरण का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में बर्फबारी हुई जबकि श्रीनगर में बहुत कम बर्फ गिरी। उन्होंने कहा, “यह अजीब मौसम है। हवाई अड्डे पर भी लगभग चार इंच बर्फ गिरी लेकिन श्रीनगर के कुछ हिस्से इससे वंचित रह गए,” और शहर में भी बर्फबारी की उम्मीद जताई। पर्यटन के बारे में अब्दुल्ला ने कहा कि देरी से हुई बर्फबारी से कुछ नुकसान हुआ है लेकिन उन्होंने जोर दिया कि उत्तर भारत में भी स्थिति ऐसी ही है। उन्होंने कहा कि गुलमर्ग जैसे स्थानों पर जहां दो फीट से अधिक बर्फ गिरी है, ताजा बर्फबारी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि अधिक पर्यटक आएंगे और हम स्की कोर्स शुरू कर पाएंगे।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उद्योग, बागवानी, कृषि, पर्यटन और उच्च शिक्षा क्षेत्रों सहित हितधारकों से सुझाव प्राप्त हो चुके हैं और उन पर विचार किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह