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गुवाहाटी, 23 जनवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डिमापुर (धनसिरी)–कोहिमा (ज़ुब्ज़ा) नई रेल लाइन परियोजना पर निरंतर कार्य कर रहा है। यह परियोजना पहली बार नागालैंड की राजधानी कोहिमा को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि यह परियोजना कुल 78.42 किलोमीटर लंबा है, जो असम के कार्बी आंगलोंग जिला और नगालैंड के चुमु के डिमा एवं कोहिमा जिलों को कवर करता है। इसमें आठ स्टेशन - धनसिरी, धनसिरीपार, शोखुवि, मॉलवॉम, फेरिमा, पिफेमा, में गुजुमा और ज़ुब्ज़ा शामिल हैं। धनसिरी, शोखुवि और मॉलवॉम स्टेशन बनकर तैयार है। इस भाग में जटिल इंजीनियरिंग का कार्य शामिल है, जिसमें 31,169 मीटर की कुल लंबाई में 20 सुरंगें और 27 बड़े पुलों सहित 149 छोटे पुल शामिल हैं और इन संरचनाओं का वास्तविक हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है।
परियोजना के दो सेक्शन को चरणों में चालू किया गया था। अक्टूबर, 2021 में धनसिरी-शोखुवि सेक्शन (16.5 किमी) और मार्च, 2025 में शोखुवि-मॉलवॉम सेक्शन (14.64 किमी)। फिलहाल, शोखुवि से नियमित ट्रेन सेवाएं चल रही हैं, जो इसे असम के गुवाहाटी और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन से जोड़ती हैं। यह यात्रियों के लिए अधिक सुलभ, सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा बन गई है। मॉलवॉम स्टेशन के चालू होने के साथ, यह नगालैंड का तीसरा बड़ा रेलवे स्टेशन बन गया है और यहां से सितंबर, 2025 में माल परिवहन का संचालन शुरू हो चुका है।
उम्मीद है कि नया रेल लिंक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोज़गार और बाज़ारों तक पहुंच को काफी बेहतर बनाने के साथ आराम दायक, किफायती और समय बचाने वाला यात्रा विकल्प प्रदान कर सड़क परिवहन पर निर्भरता को कम करेगा। परियोजना के बाकी हिस्सों पर कार्य अभी चल रहा है और पूसीरे ने 2029 तक डिमापुर-कोहिमा (ज़ुब्ज़ा) रेल लाइन को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जो इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और समग्र विकास को बढ़ाने में एक ऐतिहासिक माइलस्टोन साबित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय