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जोधपुर, 23 जनवरी (हि.स.)। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने 14 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम दूध के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को सात वर्षों का कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस जोधपुर गोविन्द जोशी ने बताया कि 19 जून 2012 को महामंदिर के तत्कालीन थाना प्रभारी भंवरसिंह ने सनसिटी अस्पताल के सामने रुपाणा जैसाना जाटावास, लोहावट निवासी निंबाराम पुत्र रेखाराम जाट से उसकी बनियान के नीचे पॉलीथिन में छुपाकर कर रखा 1.900 किलो अफीम दूध बरामद कर उसको गिरफ्तार किया तथा अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक गोविन्द जोशी ने न्यायालय से वर्तमान में अवैध मादक पदार्थों के मामलों में उतरोतर वृद्धि होने, अवैध मादक पदार्थों के अपराध गंभीर किस्म की प्रकृति के अपराध होने और उसका समाज में प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की वजह से आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की जबकि आरोपी ने नरमी बरतने का आग्रह किया। विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 14 गवाह, 29 दस्तावेजी साक्ष्य और तीन आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त निम्बाराम को अवैध मादक पदार्थ अफ़ीम रखने के आरोप में दोषी ठहराते हुए सात वर्ष की कठोर सजा व पचास हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश