Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

बेंगलुरु, 23 जनवरी (हि.स.)। कर्नाटक विधानसभा के संयुक्त सत्र में गुरुवार को राज्यपाल द्वारा दिए गए मात्र एक मिनट के भाषण को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में जबरदस्त हंगामा और शोर-शराबा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप, तीखी बहस और नोक-झोंक हुई।
सत्र की शुरुआत में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि संयुक्त सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल का अपमान किया है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले 18 भाजपा विधायकों को अध्यक्ष के आसन के अपमान के आरोप में निलंबित किया गया था। ऐसे में राज्यपाल का अपमान करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इस पर स्पीकर को स्पष्ट रूलिंग देनी चाहिए।
आर. अशोक ने कहा कि राज्यपाल ने विवेकपूर्ण ढंग से ही भाषण दिया। उन्होंने कानून मंत्री एच.के. पाटील के उस बयान को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि राज्यपाल “भाग गए।” अशोक के अनुसार, यदि राष्ट्रगान शुरू हो गया होता, तो राज्यपाल वहीं उपस्थित रहते।
भाजपा विधायकों अश्वथ नारायण और सुनील कुमार ने भी कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बहस के गर्म होने पर सुनील कुमार द्वारा “यह गुंडा सरकार है” कहे जाने से सत्ता पक्ष के सदस्य भड़क उठे और सदन में हंगामा और बढ़ गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कानून मंत्री एच.के. पाटील ने कहा कि राज्यपाल द्वारा भाषण पढ़ने से इनकार करना संविधान के अनुच्छेद 176(1) का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान से पहले सदन से बाहर निकलना राष्ट्रगान का अपमान है। पाटील ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राज्यपाल को नहीं रोका, बल्कि मुख्यमंत्री के बुलाने पर ही पीछे गए थे।
एच.के. पाटील ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने संविधान और राष्ट्रगान का अपमान किया है और इस कारण उन्हें कन्नड़ जनता तथा विधानसभा से माफी मांगनी चाहिए।
इसी दौरान भाजपा विधायक सुरेश कुमार के भाषण के समय मंत्री बैराठी सुरेश द्वारा बीच में आपत्ति जताने पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया। बाद में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उस शब्द को सदन की आधिकारिक कार्यवाही से हटा दिया गया।
अंत में स्पीकर खादर ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यपाल के आचरण और उसके बाद हुई घटनाओं पर अगले सप्ताह रूलिंग दी जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा