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- नेताजी की प्रतिमा का किया अनावरण और शताब्दी स्तम्भ का किया लोकार्पणभोपाल, 23 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं रसायन मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार काे कहा कि हमें बंगाल और उसके के गर्व को कभी भूलना नहीं चाहिए। देश की आजादी में बंगाल की अहम भूमिका रही है।
केंद्रीय लोक स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने बसंती पंचमी की बधाई के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन कर कहा कि नेताजी वर्ष 1939 में जबलपुर आए थे। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी भी सिटी बंगाली क्लब से जुड़े थे।
केंद्रीय मंत्री नड्डा आज जबलपुर में सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोशिएशन के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वंते मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद में विशेष चर्चा करवाई। राष्ट्रगान जन गण मन को भी पूर्ण सम्मान दिया जा रहा है। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की गई है। बंगाली भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया है। यूनेस्को में दुर्गा पूजा को शामिल कराया गया है। गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के शांति निकेतन को भी यूनेस्को ने विश्व धरोहर के तौर पर मान्यता दी है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म हुई और देश के हर क्षेत्र में अब एक ही विधान है। मध्य प्रदेश में बंगाली समाज पूर्णत: सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी ने 100 गौरवशाली वर्षों की स्मृतियों को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस एसोसिएशन ने बंगाली समाज और जबलपुर की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षण प्रदान किया है। सिटी बंगाली क्लब में स्वयं नेताजी का आना इस क्षेत्र के लिए गौरवशाली क्षण रहा। सिटी बंगाली क्लब ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। राज्य सरकार, स्कूल एवं उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए सदैव क्लब के साथ है।
नेताजी की प्रतिमा का अनावरण और शताब्दी स्तंभ का लोकार्पण
केन्द्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिद्धी बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने सिटी बंगाली क्लब में शताब्दी स्तंभ का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह अन्य अतिथि भी मौजूद रहे।
गोंडवाना कालीन वीर बावड़ी और जल मंदिर का भी किया अवलोकन
केंद्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के ऐतिहासिक 'जल मंदिर' और 'वीर बावड़ी' परिसर का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पुनरुद्धार कार्यों का अवलोकन किया। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने बावड़ी की वास्तुकला और इसके पुनरुद्धार कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह जल संरचनाएं गोंडवाना साम्राज्य के गौरवशाली अतीत का जीवंत प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय हमारी ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजना और आने वाली पीढ़ी को इससे परिचित कराना है। लोक निर्माण मंत्री सिंह ने परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।
रानी ताल और चेरी ताल के मध्य स्थित अद्वितीय स्थापत्य अवलोकन के दौरान अवगत कराया गया कि यह बावली केवल एक जल संरचना नहीं है, बल्कि यह गोंडवाना साम्राज्य की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। रानी ताल और चेरी ताल के मध्य स्थित यह 'वीर बावड़ी' वीरांगना रानी दुर्गावती के प्रकृति प्रेम और लोक कल्याणकारी नीतियों का जीवंत प्रमाण है। उस दौर में जल संरक्षण को लेकर जो तकनीक अपनाई गई थी, उसका यह एक बेजोड़ नमूना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत