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प्रयागराज, 23 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के जेल वार्डरों को भोजन भत्ते के भुगतान पर महानिदेशक कारागार को दो महीने में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने 'यशदीप एवं अन्य' की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचियों का तर्क था कि वे भोजन भत्ते के हकदार हैं। उनकी ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि इस संबंध में तीन दिसम्बर 2016 को अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस महानिदेशक को एक सिफारिश भी भेजी गई थी, जो अब तक लम्बित है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ताओं के दावे पर सर्वप्रथम विभागीय स्तर पर डीजी (जेल) द्वारा विचार किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को छूट दी है कि वे दो सप्ताह के भीतर अपनी मांगों का एक विस्तृत प्रत्यावेदन सम्बंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें और प्रत्यावेदन प्राप्त होने के बाद महानिदेशक, कारागार प्रशासन दो महीने के भीतर कानून के अनुसार निर्णय ले।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे