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नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फैज-ए-इलाही मस्जिद का अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थर चलाने के आरोपित मोहम्मद उबेदुल्लाह को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत के आदेश को निरस्त कर दिया है। जस्टिस प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि जमानत के आदेश पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।
तीस हजारी कोर्ट ने 20 जनवरी को उबेदुल्लाह को 25 हजार के मुचलके पर जमानत दी थी। तीस हजारी कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन को आरोपित के हिरासत की कोई जरूरत नहीं है। तीस हजारी कोर्ट के इस आदेश को दिल्ली पुलिस ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
दिल्ली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ चांदनी महल थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, 121, 191, 223ए और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। रामलीला मैदान इलाके के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 7 और 8 जनवरी की रात को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई थी। इसके बाद हिंसा भड़क गई और लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गये, जिसमें एसएसओ भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक एक सोशल मीडिया पोस्ट किया गया कि तुर्कमान गेट के सामने की मस्जिद को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में गिराया जा रहा है। उसके बाद लोग वहां जमा होने लगे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक करीब 150-200 लोग अतिक्रमण हटाने गए अमले पर पत्थर बरसाने में शामिल थे।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी