कांग्रेस ने दिल्ली में जलसंकट को लेकर सरकार को घेरा
नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में पीने के पानी का संकट आना दिल्ली सरकार की नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से लगातार दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में बीएलए-1 के लिए रखे प्रशिक्षण कार्यशाला  को संबोधित करते दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव


नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में पीने के पानी का संकट आना दिल्ली सरकार की नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से लगातार दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है क्योंकि हरियाणा द्वारा मुनक नहर की मरम्मत के कारण हैदरपुर, बवाना, द्वारका और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को आधे से भी कम पानी मिल रहा है और यमुना में अमोनिया का लेवल बढ़कर 6 पीपीएम होने के कारण यमुना का पानी जल संशोधन सयंत्रों में नहीं लिया जा रहा है।

देवेंद्र यादव ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जब हरियाणा सरकार ने मुनक नहर की मरम्मत के बारे में दिल्ली जल बोर्ड को पहले ही सूचित किया था। फिर दिल्ली को मुनक नहर से मिलने वाले पानी की कमी की पूर्ति नहीं करना दिल्ली सरकार की नाकामी है, जिसके कारण आधी से अधिक दिल्ली पानी के लिए पिछले 3 दिनों से परेशान है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की आपूर्ति का 80 प्रतिशत मतलब 667 एमजीडी पानी मुनक नहर से मिलता है और सरकार द्वारा इसकी गंभीरता को न समझते कारण ही दिल्ली की 3 करोड़ जनता को जल संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि यह जल संकट 4 फरवरी तक रहने वाला है, अगर सरकार को हरियाणा से हथिनी कुंड से शीघ्र अधिक पानी छोड़ने पर बात करनी चाहिए ताकि दिल्ली वालों को राहत मिल सके।

देवेंद्र यादव ने कहा कि यमुना सफाई पर 680 करोड़ का बजट आवंटित करने के बावजूद यमुना में अगर अमोनिया का लेवल 6 पीपीएम है तो पिछले पिछले 10 महीनों में सरकार ने यमुना में कितनी सफाई की है, यह दिल्ली की जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की आपूर्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को भूमिगत जलाशयों को अधिक मात्रा में बनाने पर ध्यान देना चाहिए और जो भूमिगत जलाशय अस्तित्व में है उनके रखरखाव और उन्हें अधिक क्रियाशील बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड 35 नए अंडरग्राउंड रिजर्वायर बनाकर चंद्रावल और वजीराबाद वाटर कमांड एरिया से पानी सप्लाई करने की योजना है, जबकि सरकार को ऐसी योजना गरीब बस्तियों जहां पानी ही नहीं पहुंचता, उन जगहों के लिए भी बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को नए यूजीआर बनाने के साथ दिल्ली में अस्तित्व खो चुके तालाबों और झीलों के लिए भी योजना बनानी चाहिए।

देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की आबादी के लिए 1290 एमजीडी पानी की जरूरत है, जबकि मौजूदा समय में सिफ 1005 एमीजीडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है, जबकि यह बहुत आश्चर्यजनक है कि पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी (आआपा) की सरकार 50 एमजीडी पानी की उपलब्धता बढ़ा पाई क्योंकि 2013 में कांग्रेस की सरकार के दौरान 906 एमजीडी पानी मिलता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने अभी तक पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए कोई योजना की घोषणा नहीं की, जबकि आज दिल्ली को सर्वप्रथम पेयजल की आवश्यकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव