Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने एक बड़ी जटिल सर्जरी कर 42 साल की महिला की जान बचाई। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली इस महिला के शरीर से डॉक्टरों ने करीब 20 किलो वजनी स्टेज-4 कोलन कैंसर का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला। यह सर्जरी सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि नहीं है, बल्कि लोगों के लिए एक अहम चेतावनी भी है कि गलत जीवनशैली कैसे कैंसर का कारण बन सकती है।
मरीज मुनमुन, लंबे समय से कोलन कैंसर से जूझ रही थीं। कैंसर उनके शरीर के कई हिस्सों में फैल चुका था, जिसमें लिवर, गर्भाशय, ओवरी और पेट की अंदरूनी परत शामिल थी। कई महीनों तक कीमोथेरेपी चली और इसके बाद दो बेहद जोखिम भरी सर्जरी की गईं। अब इलाज के बाद मुनमुन पूरी तरह कैंसर-मुक्त हैं और तेजी से ठीक हो रही हैं।
एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला एक गंभीर जनस्वास्थ्य संदेश देता है। कोलन कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और इसके पीछे मुख्य कारण खराब खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली है।
आईआरसीएच, एम्स दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एम. डी. रे ने बताया कि ज्यादा मात्रा में लाल मांस (रेड मीट), फास्ट फूड और फाइबर की कमी वाला खाना कोलन को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि कब्ज, अनियमित शौच की आदतें और लंबे समय तक बैठे रहने की जीवनशैली से आंतों में लगातार जलन होती है, जिससे कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां और फल ज्यादा खाएं, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें और पेट से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कोलन कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचा जा सकता है।
यह मामला दिखाता है कि सही इलाज के साथ-साथ सही जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी