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जम्मू, 18 जनवरी (हि.स.)। जम्मू विश्वविद्यालय को बी.पी.एड और एम.पी.एड पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता न मिलने के मामले को लेकर नेशनल सेक्युलर फोरम के कार्यकारी अध्यक्ष नरिंदर सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शैक्षणिक और प्रशासनिक स्तर पर कमियों का परिणाम हो सकती है। सिंह ने कहा कि एनसीटीई की मान्यता न मिलने से शारीरिक शिक्षा के इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि छात्रों का नुकसान न हो।
प्रेस वार्ता में उन्होंने विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल निदेशालय से जुड़े कुछ प्रशासनिक निर्णयों पर भी चिंता जताई और मांग की कि एनसीटीई द्वारा इंगित कमियों को दूर करने के लिए विशेषज्ञों की राय लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि एनसीटीई की मान्यता बहाल करने के लिए शीघ्र कार्रवाई की जाए, जिससे आगामी सत्रों में छात्र बिना किसी बाधा के बी.पी.एड और एम.पी.एड जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा