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झज्जर, 18 जनवरी (हि.स.)। झज्जर में बीती 15 जनवरी को हुई पुलिस मुठभेड़ पर अहलावत खाप ने सवाल उठा दिए हैं। रविवार को डीघल में हुई खाप की पंचायत में ग्रामीणों ने गांव के निवासी पंकज और तीन अन्य युवाओं के खिलाफ दर्ज मुठभेड़ वाले केस को तुरंत रद्द करने और और तीनों गिरफ्तार युवाओं को रिहा करने की मांग की। पंचायत ने कहा कि पुलिस ने पंचायत की मांगों पर एक सप्ताह के भीतर संज्ञान नहीं लिया तो अगले सप्ताह फिर पंचायत बुलाई जाएगी।
मुठभेड़ में घायल हुए पंकज के पिता भाजपा नेता और केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन आनंद सिंह ने कहा कि हम अपनी इज्जत चली जाने तक नहीं झुकेंगे। भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के प्रवक्ता प्रदीप अहलावत ने कहा कि उनके भाई पंकज को पंचायत को सौंपा जाए। मामले की जांच में आवश्यकता हुई तो खाप पंचायत पंकज को पुलिस के समक्ष प्रस्तुत कर देगी।
इस मुठभेड़ में पंकज पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया था। इस घटना में पुलिस टीम का एक सहायक उप निरीक्षक भी घायल हुआ था। पुलिस का कहना है कि सहायक उप निरीक्षक को पंकज द्वारा चलाई गई गोली लगी थी। पंकज के घायल होने के बाद से ही उनका परिवार मुठभेड़ को फर्जी बता रहा है। पंकज के पिता आनंद सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस पंकज को अपनी गाड़ी में ले गई। वह उसे खेतों में ले गए, जहां दो-तीन पुलिस कर्मचारियों ने पंकज को नीचे गिरा लिया और उसके ऊपर बैठकर उसके पांव में गोली मार दी।
उधर, झज्जर के पुलिस उपायुक्त (क्राइम) अमित दहिया का कहना है कि अवैध हथियार की सूचना पर स्पेशल स्टाफ की टीम पंकज को पकड़ने के लिए गई थी। पंकज ने टीम पर फायरिंग की। इसमें सहायक उप निरीक्षक प्रवीण की जांघ में गोली लगी। टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई तो पंकज के पांव में गोली लगी। उसका रोहतक में इलाज चल रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज