नमो पतंग महोत्सव में सेठ ने बच्चों में किया पतंग का वितरण, जरूरतमंदों को मिला कंबल
रांची, 15 जनवरी (हि.स.)। मकर संक्रांति के अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी समिति के तत्वावधान में मोरहाबादी मैदान में गुरुवार को नमो पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ ने किया। इस अवसर पर
कार्यक्रम की तस्‍वीर


रांची, 15 जनवरी (हि.स.)। मकर संक्रांति के अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी समिति के तत्वावधान में मोरहाबादी मैदान में गुरुवार को नमो पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ ने किया।

इस अवसर पर मैदान देशभक्ति, उत्सव और सामाजिक सरोकारों के रंग में रंगा नजर आया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों के बीच पतंग का वितरण किया गया। वहीं जरूरतमंद और गरीब वर्ग के लोगों के बीच कंबल और खिचड़ी बांटी गई। मकर संक्रांति के पारंपरिक उल्लास के साथ-साथ सामाजिक सेवा का यह आयोजन लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों में पतंग उड़ाने को लेकर उत्साह देखने लायक था।

इस मौके पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आज आर्मी डे है और 140 करोड़ भारतीयों को अपनी भारतीय सेना पर गर्व है। उन्होंने भारतीय सेना की वीरता, शौर्य और बलिदान को याद करते हुए कहा कि सेना ने हमेशा देश की रक्षा में सर्वोच्च योगदान दिया है।

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत की ताकत का कराया अहसास

सेठ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराया है।

वहीं उन्हों।ने नमो पतंग महोत्सव के प्रतीकात्मक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पतंगों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर वोमिका सिंह की तस्वीरें इस बात का प्रतीक हैं कि देश आज अपने वीर सैनिकों और नेतृत्व पर गर्व करता है।

उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर वोमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की विजय गाथा न सिर्फ हिंदुस्तान को दी, बल्कि पूरी दुनिया को भारत की ताकत और साहस का परिचय कराया।

बाबा रामदेव ने की थी महोत्सव की शुरुआत

संजय सेठ बताया कि नमो पतंग महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2006 में योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से शुरू की गई थी। तब से यह महोत्सव देशभर में सामाजिक समरसता, देशभक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है।

संजय सेठ ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व हमें आपसी भाईचारे, सेवा और सद्भाव का संदेश देते हैं। वहीं कार्यक्रम में मकर संक्रांति की परंपरा के अनुसार दही-चूड़ा, खिचड़ी का वितरण भी किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में श्री कृष्ण जन्माष्टमी समिति के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak