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आसनसोल, 15 जनवरी (हि. स.)। भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा बहुजन क्रांति मोर्चा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा की तरफ से गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया।
भारत मुक्ति मोर्चा के सदस्य उत्पल बाउरी ने बताया कि देश के 725 जिलों में एक साथ चार संगठनों की तरफ से डीएम कार्यालय का घेराव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के लगभग 75 साल बाद भी अब तक पिछड़े अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्गों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिली है। उनको बुनियादी हक भी नहीं मिले हैं। इसके खिलाफ देशभर के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय का घेराव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले सात जनवरी को डीएम कार्यालय को पूर्व सूचना दिया गया था। इसके बाद 22 जनवरी को एक महा रैली निकाली जाएगी। यह रैली बीएनआर मोड़ से डीएम कार्यालय तक होगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी भारतवर्ष के धरती पुत्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इसके खिलाफ 22 फरवरी को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उड़ीसा मे भारत मुक्ति मोर्चा की तरफ से राष्ट्रीय अधिवेशन होना था। लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उड़ीसा की भाजपा सरकार द्वारा उसे रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि भारत मुक्ति मोर्चा के पास राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन के लिए सभी प्रकार की अनुमति थी। इसके बावजूद उसे नहीं होने दिया गया। इसकी वजह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती कि इस देश के धरतीपुत्र अपनी आवाज बुलंद करें। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और 22 जनवरी को एक महा रैली निकाली जाएगी और 22 फरवरी को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा