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-स्नेहमूर्ति श्रीमती राजम्मा जी का निधन
बेंगलुरू, 13 जनवरी (हि.स.)।
राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वंदनीया शांतक्का जी की मां श्रीमती राजम्मा जी का मंगलवार प्रातः 6.30 बजे कर्नाटक के बेंगलुरू में 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
श्रीमती राजम्मा जी का जीवन त्याग, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक रहा। समिति के कार्यकर्ताओं को सदैव उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। उन्होंने अपना संपूर्ण स्त्रीधन स्वतंत्रता आंदोलन को समर्पित कर दिया था तथा इसके पश्चात जीवनपर्यंत कभी भी स्वर्ण आभूषण धारण नहीं किए।
उनका यह त्यागमय आचरण परिवार ही नहीं, अपितु समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत रहा।
उनके द्वारा दिए गए संस्कारों ने उनके पुत्र-पुत्रियों को समाज और राष्ट्र सेवा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। उनके ज्येष्ठ पुत्र श्री नागराज जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हैं। द्वितीय पुत्र श्री मंजुनाथ जी एवं उनकी धर्मपत्नी सुमाजी गृहस्थाश्रम का आदर्श निर्वाह करते हुए जीवन को सार्थक बना रहे हैं। उनकी पुत्री वंदनीया शांतक्का जी राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका के रूप में अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। श्रीमती राजम्मा जी का संपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी