बहस और असहमति लोकतंत्र की आत्मा, लेकिन निर्णय और सहयोग अनिवार्य : उपराष्ट्रपति
- आलोचनात्मक चिंतन जेएनयू की आत्मा: धर्मेंद्र प्रधान नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा कि बहस, चर्चा, असहमति और यहां तक कि टकराव भी स्वस्थ लोकतंत्र के आवश्यक तत्व हैं, लेकिन इनका उद्देश्य अंततः निर्णय तक पह

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