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नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के डायरेक्टर और बिजनेसमैन अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी को झटका लगा है। जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भेजे गए शो कॉज नोटिस पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने यूनियम बैंक ऑफ इंडिया के नोटिस पर सवाल खड़ा किया।
उच्च न्यायालय ने जय अंबानी को निर्देश दिया कि वो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष 10 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करें। कोर्ट ने कहा कि आप अपनी दलीलें पेश करें, आपको जो भी कहना है वे उसका जवाब देंगे। हम बैंक के नोटिस पर रोक नहीं लगाएंगे। कोर्ट ने यूनियन बैंक को इस मामले में एक विस्तृत आदेश पेश करने को कहा। हाई कोर्ट ने कहा कि बैंक की ओर से जारी किसी भी अंतरिम आदेश का प्रभाव वर्तमान याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा।
सुनवाई के दौरान जय अबानी की ओर से पेश वकील ने कहा कि 22 दिसंबर 2025 को बैंक की ओर से जारी नोटिस में गलतियां थीं। उन्होंने कहा कि इस योजना की अनुशंसा सभी कर्जदाता बैंकों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने भी की है। ऐसे में कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई आरोप ही नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि बैंक के पास 2020 से ही संबंधित जानकारी मौजूद थी। ऐसे में पांच साल बाद नोटिस जारी करना कानून के खिलाफ है।
सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से पेश वकील ने जय अंबानी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी करने के दौरान कोर्ट का अधिकार क्षेत्र सीमित था। इस पर कोर्ट ने बैंक के वकील से पूछा कि दिवालिया कानून के तहत समाधान की योजना की मंजूरी के कारण बताओ नोटिस कैसे जारी किया गया। याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभात मिश्रा