विश्व चेतना की अनुभूति से उत्पन्न लेखन था आचार्य विद्यानिवास जी का : डॉ. ऋषिभूषण मिश्र
आचार्य विद्यानिवास मिश्र : शताब्दी स्मरण
कोलकाता, 11 जनवरी (हि.स.)। आचार्य विद्यानिवास मिश्र का लेखन विश्व चेतना की अनुभूति से उत्पन्न भावावेश था। वे लोक को विश्व व्यवस्था की प्राथमिक इकाई मानते हैं इसलिए नीम पेड़ की चिंता से आरंभ आचार्य मिश्र का
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