हमें अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीना होगा: प्रांत प्रचारक
गोरखपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जीवन परम्परा सभी जीव, जंतु, वनस्पतियों में परमात्मा के अंश को देखती है। यह अपने लिए नहीं अपनों के लिए जीना सिखाती है। जीव में शिव देखने का चिंतन ही हिंदुत्व है। हमें उसी परम्परा में अपनों के लिए जीना पड़ेगा। उक्

Invalid email address

विस्तृत खबर के लिए हिन्दुस्थान समाचार की सेवाएं लें।

संपर्क करें

हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी एम-6, भगत सिंह मार्केट, गोल मार्केट, नई दिल्ली- 110001

(+91) 7701802829 / 7701800342

marketing@hs.news