स्वाति मालीवाल के खिलाफ मामले में किसी गवाह ने नहीं दर्ज कराया बयान
नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। राऊज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार काे दिल्ली महिला आयोग की नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में किसी भी गवाह के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने 2 फरवरी को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया। गवाह डॉ. द
राऊज एवेन्यू कोर्ट, दिल्ली (फाइल फाेटाे)


नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। राऊज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार काे दिल्ली महिला आयोग की नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में किसी भी गवाह के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने 2 फरवरी को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।

गवाह डॉ. दिलराज कौर का शनिवार काे काेर्ट में क्रास-एग्जामिनेशन किया जाना था लेकिन वो कोर्ट का समन तामील होने के बावजूद पेश नहीं हुईं। अभियोजन पक्ष ने बताया कि डॉ. दिलराज कौर निजी परेशानी की वजह से कोर्ट में पेश नहीं हो सकीं। उसके बाद कोर्ट ने डॉ. दिलराज कौर को 2 फरवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी करने का आदेश दिया।

डॉ. दिलराज कौर 16 दिसंबर, 2025 को भी पेश नहीं हुई थीं। उस समय उनके ससुर का आपरेशन किया गया है जिसकी वजह से वो कोर्ट नहीं आ सकीं।

सुनवाई के दौरान आरोपित स्वाति मालीवाल कोर्ट वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश हुई। इससे पहले इस मामले में 4 नवंबर को शिकायतकर्ता और पूर्व विधायक बरखा सिंह के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट ने दिसंबर, 2022 में स्वाति मालीवाल समेत चार आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। स्वाति मालीवाल ने आरोप तय करने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

कोर्ट ने स्वाति मालीवाल के अलावा जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था उनमें आयोग की सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक शामिल हैं। कोर्ट ने चारों आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (2), 13(1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।

दरअसल, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से पूर्व विधायक बरखा सिंह ने 11 अगस्त, 2016 को शिकायत कर आरोप लगाया था कि दिल्ली महिला आयोग में नियमों को दरकिनार कर आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को नियुक्त किया गया। शिकायत में आयोग में नियुक्त हुए तीन लोगों के नाम बताए गए थे, जो आम आदमी पार्टी से जुड़े थे।

एसीबी को दी गई शिकायत में आम आदमी पार्टी से जुड़े 85 लोगों की सूची भी दी गई थी, जिनकी नियुक्ति आयोग में होने का दावा किया गया था। इस पर प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किया था।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी