वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन ने समलैंगिक प्रेम पर टिप्पणी के लिए मांगी माफ़ी
body{font-family:Arial,sans-serif;font-size:10pt;}.cf0{font-family:Nirmala UI,sans-serif;font-size:11pt;}.cf1{font-family:Consolas;font-size:11pt;} चेन्नई, 7 जुलाई (हि.स.)। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के संस्थापक और चिदंबरम से सांसद थोल थिरुमावल
VCK Chief Thol Thirumavalavan Apologizes for Same-Sex Love Comments


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चेन्नई, 7 जुलाई (हि.स.)। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के संस्थापक और चिदंबरम से सांसद थोल थिरुमावलवन ने समलैंगिक प्रेम को विकृति कहने वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी है। उन्होंने यह टिप्पणी 12 अप्रैल 2025 को 'लेट अस लर्न डेमोक्रेसी एंड स्टूडेंट पार्लियामेंट' नाम के एक कार्यक्रम में क़ानून के एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए की थी। उनकी इस टिप्पणी की एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय और कार्यकर्ताओं ने कड़ी आलोचना की, जिसके बाद थिरुमावलवन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक माफ़ी पत्र पोस्ट किया।

सांसद थोल थिरुमावलवन ने अपने बयान में कहा कि उनकी टिप्पणी का कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन यह समझने में उनसे ग़लती हुई कि इससे एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने लिखा, मेरे शब्दों ने अनजाने में समुदाय के लोगों के दिल को दुखाया, इसके लिए मैं गहराई से खेद व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी बिना किसी दुर्भावना के की गई थी और वह समझते हैं कि उन्होंने LGBTQIA+ समुदाय को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने याद दिलाया कि 2006 में विधानसभा में वीसीके की अपील के आधार पर ट्रांसपर्सन कल्याण बोर्ड की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा, हमें पार्टी के भीतर इस समुदाय के लिए एक अलग विंग शुरू करने का गौरव भी प्राप्त है। वीसीके हमेशा LGBTQIA+ समुदाय का समर्थन करेगा, उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा LGBTQIA+ समुदाय सहित हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।

दरअसल, तमिलनाडु रेनबो कोएलिशन (टीएनआरसी) और अन्य एलजीबीटीक्यूआईए+ संगठनों ने उनके बयान को अवैज्ञानिक और हानिकारक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि समलैंगिकता को 1990 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बीमारियों की सूची से हटा दिया था। आलोचकों का तर्क था कि थिरुमावलवन का यह बयान, जो सामाजिक न्याय के लिए लड़ने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं, समलैंगिकता को ग़लत तरीक़े से प्रदर्शित करता है। आलोचकों का यह भी मानना था कि इससे तमिलनाडु में क्वीयर समुदाय के ख़िलाफ़ भेदभाव और हिंसा बढ़ सकती है।

टीएनआरसी ने अपने खुले पत्र में कहा, समलैंगिक प्रेम को विकृति कहना न केवल ग़लत है, बल्कि यह सामाजिक न्याय के अंबेडकरवादी मूल्यों के भी ख़िलाफ़ है। कार्यकर्ताओं ने वीसीके से मांग की कि वह समलैंगिक और लेस्बियन व्यक्तियों के सम्मान और स्वाभिमान के अधिकार पर अपना स्पष्ट रुख़ बताए।

सांसद थिरुमावलवन ने 7 जुलाई 2025 को एक्स हैंडल पर अपनी माफ़ी को दोहराया और कहा कि वह भविष्य में और अधिक संवेदनशीलता के साथ बोलेंगे। उन्होंने क्वीयर समुदाय के साथ मिलकर उनके संघर्ष को बेहतर ढंग से समझने और एक साथ मिलकर समाज के लिए काम करने का वादा किया।

कार्यकर्ता नदजा नदिका ने एक्स हैंडल पर उनकी माफ़ी का स्वागत करते हुए कहा , उन्हें उम्मीद है कि थिरुमावलवन और वीसीके के अन्य नेता क्वीयर समुदाय के साथ अपना सहयोग बढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में तमिलनाडु पुलिस ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन यह विवाद सामाजिक न्याय और समलैंगिक अधिकारों पर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा था, जो अब सांसद थिरुमावलवन की माफी के बाद थमता दिख रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ आर बी चौधरी