कुड्डालोर रेलवे क्रॉसिंग हादसाः गेटकीपर की लापरवाही से हुई भीषण दुर्घटना
चेन्नई, 12 जुलाई (हि.स.)। कडलूर में हुई दुखद ट्रेन-वैन टक्कर की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई थी, जिसकी मुख्य वजह रेलवे क्रॉसिंग के गेटकीपर की घोर लापरवाही पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन आने के बावज
कुड्डालोर ट्रेन-वैन टक्कर: गेटकीपर की लापरवाही की पुष्टि, सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल


चेन्नई, 12 जुलाई (हि.स.)। कडलूर में हुई दुखद ट्रेन-वैन टक्कर की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई थी, जिसकी मुख्य वजह रेलवे क्रॉसिंग के गेटकीपर की घोर लापरवाही पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन आने के बावजूद रेलवे फाटक (लेवल क्रॉसिंग एलसी-170) को खुला छोड़ दिया था, जिसके परिणामस्वरूप वैन सीधे ट्रैक पर आ गई और यह भीषण दुर्घटना हुई।

मंगलवार को रेलवे क्रॉसिंग पर बच्चों को ले जा रही एक स्कूल वैन चलती पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे तीन छात्रों की मौत हो गई। शुरुआत में इस घटना को लेकर कई विरोधाभासी दावे सामने आए थे। जहाँ चश्मदीदों ने सीधे तौर पर गेटकीपर को दोषी ठहराया, वहीं रेलवे अधिकारियों ने यह कहकर बचाव करने की कोशिश की कि शायद वैन चालक ने फाटक खोलने का अनुरोध किया हो। हालांकि, दक्षिणी रेलवे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विभागीय जांच का आदेश दिया। इस जांच के लिए एक तीन सदस्यीय दल का गठन किया गया, जिसने गेटकीपर, लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, स्टेशन प्रबंधकों, इंजीनियरों और यहां तक कि घायल वैन चालक सहित 13 व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उनके बयान दर्ज किए।

दक्षिण रेलवे के सूत्रों के अनुसार, जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों ने गेटकीपर पंकज शर्मा की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से उजागर किया। पता चला कि चेम्मनगुप्पम रेलवे फाटक (एलसी-170) खुला छोड़ दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि शर्मा ने स्टेशन मास्टर को झूठी सूचना दी थी कि उसने फाटक बंद कर दिया है। हालांकि, दुर्घटना के बाद जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपनी लापरवाही स्वीकार कर ली। यह कबूलनामा रेलवे के स्वचालित वॉयस रिकॉर्डिंग सिस्टम में दर्ज है, जिसने जांच के निष्कर्षों को पुख्ता सबूत दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ आर बी चौधरी