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कोलकाता, 08 दिसंबर (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के मुखपत्र और राज्य के वरिष्ठ सामान्य संपादक कुणाल घोष ने हाल ही में हुए विक्रेताओं पर हमले की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि “विक्रेता कभी भी जाति या धर्म देखकर अपने उत्पाद नहीं बेचते। उस इलाके में छुट्टियों के दिनों में काफी लोग आते हैं। कोई झालमुरी बेचता है, कोई लोजेन्स। विक्रेता सामान्यतः अपने उत्पाद के अनुसार ही बिक्री करते हैं, किसी विशेष धर्म या आहार के अनुसार नहीं। जिन्हें कुछ नहीं खाना, वे नहीं खाएंगे, लेकिन विक्रेता को मारने की क्या जरूरत थी?
कुणाल घोष ने आगे कहा कि उस जगह रोजगार और आय के साधन उपलब्ध हैं। कुछ समझे बिना अचानक हमला क्यों किया गया? ब्रिगेड कार्यक्रम में कई लोग चमड़े के जूते पहनकर गीता हाथ में लिए फोटो ले रहे थे, उन्हें क्यों परेशान नहीं किया गया? इस घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूं।
उनका यह बयान स्थानीय बाजारों में विक्रेताओं की सुरक्षा और सामाजिक समरसता बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता