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धर्मशाला, 08 दिसंबर (हि.स.)। उपभोक्ता आयोग ने एक कंपनी द्वारा उपभोक्ता को गलत उत्पाद देने के मामले में 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 10,829 रुपए वापिस करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही उपभोक्ता को हुए मानसिक उत्पीड़न व परेशानी के लिए कंपनी द्वारा उपभोक्ता को 5 हजार रूपए मुआवजा व मुकदमेबाजी के रूप में भी 5 हजार रूपए अदा करने होंगे। आयोग के जिला कांगड़ा अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा व सदस्य आरती सूद की अदालत ने सोमवार को एक अहम फैसले में उपभोक्ता के पक्ष में यह फैसला सुनाया है।
जानकारी के अनुसार एक महिला ने एक कंपनी से हेयर टॉपर नामक उत्पाद 10,829 रूपए में ऑर्डर किया था। यह उत्पाद 7 मार्च को उन्हें मिला, लेकिन शिकायत के अनुसार यह सही उत्पाद नहीं था और इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता था। शिकायतकर्ता ने तुरंत कंपनी से संपर्क किया, लेकिन कंपनी ने समस्या स्वीकार करने की बजाय कहा कि इसे लगाने में समय और अभ्यास लगता है। बाद में कंपनी ने उनके कॉल और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया। उपभोक्ता आयोग के समक्ष यह मामला आने पर नोटिस भेजे जाने के बावजूद कंपनी आयोग के समक्ष पेश नहीं हुई। इसलिए आयोग ने उसे एक्स-पार्टी करार देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई। जिसके बाद आयोग ने शिकायतकर्ता महिला द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों को सही मानते हुए कंपनी द्वारा शिकायतकर्ता उपभोक्ता को उपरोक्त भुगतान के आदेश जारी किए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया