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कोरबा/जांजगीर-चांपा, 08 दिसंबर (हि.स.)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के सहकारी समितियों के धान उपार्जन केंद्रों में खरीद का कार्य सुचारू, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित हो रहा है। किसानों की सुविधा हेतु शासन द्वारा किए गए प्रबंधन के सुधारों का सकारात्मक प्रभाव सीधे किसानों तक पहुँचा है।
धान उपार्जन केंद्र सिवनी में शुक्रवार को किसान सतीश कुमार मिश्रा ने अपने 188.80 क्विंटल धान का विक्रय किया। खरीद प्रक्रिया के हर चरण से गुजरने के बाद उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “इस बार की व्यवस्था ने सचमुच किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है।
किसान श्री मिश्रा बताते हैं कि इस वर्ष धान बेचना पहले की तुलना में आसान हो गया है। नमी परीक्षण, तौल, टोकन सत्यापन और स्टाफ का सहयोगी व्यवहार इन सबने प्रक्रिया को सहज और तनावमुक्त बना दिया। केंद्र में साफ-सफाई, शेड, पेयजल और बैठने की अच्छी सुविधाएँ है। उन्होंने बताया कि इस बार बारदाना समय पर मिल रहा है, तुलाई बिना देरी के हो रही है और पूरा माहौल किसान-हितैषी है। पहले धान बेचने के दौरान लंबी लाइनें, अव्यवस्था और समय की बर्बादी आम समस्या थी, लेकिन इस वर्ष तुहंर टोकन मोबाइल ऐप ने पूरी व्यवस्था बदल दी है।
श्री मिश्रा ने बताया कि उन्हें न भीड़ का सामना करना पड़ा और न इंतजार करना पड़ा-घर बैठे कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन टोकन मिल गया, जिससे धान बेचने में कोई दिक्कत नहीं आई। यह तकनीक किसानों के समय और ऊर्जा दोनों की बचत कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुए सुधारों का प्रत्यक्ष लाभ किसानों को मिला है। खरीद की पारदर्शिता और तेज प्रक्रिया ने किसानों के भरोसे को मजबूत किया है। श्री मिश्रा ने संतोष जताते हुए कहा, हमारी सालभर की मेहनत का सही मूल्य मिला है, धान अब बिना किसी परेशानी के बिक रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी