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नैनीताल, 08 दिसंबर (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सूखाताल झील के सौंदर्यीकरण के मामले में स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिका को निस्तारित कर दिया। कोर्ट ने कार्यदायी संस्था को सूखाताल झील सौंदर्यीकरण के तहत कराए जा रहे कार्यों में पूर्व के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान न्यायमित्र कार्तिकेय हरि गुप्ता की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि सूखाताल झील के सौंदर्यीकरण में वेटलैंड के नियमों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2024 में न्यायालय ने सौंदर्यीकरण कार्य पर लगी रोक को हटाने के साथ ही डीडीए को तीन माह के भीतर सभी सौंदर्यीकरण कार्य पूरा करने का निर्देश दिये थे। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने डीडीए को एक सप्ताह के भीतर सौन्दर्यीकरण के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिये थे, लेकिन रिपोर्ट आज तक दाखिल नहीं की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / लता