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पलामू, 5 दिसंबर (हि.स.)। जिले के फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों को खुलेआम नजरअंदाज कर कोयला और बालू का अवैध उत्खनन करने का मामला सामने आया है। इस वर्ष फरवरी महीने से कंपनी ने कोयला खनन कार्य शुरू किया है और लगातार परिवहन भी किया जा रहा है, लेकिन खनन के दौरान पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन नहीं होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस संबंध में समाजिक कार्यकर्ता गौरव सिंह ने शुक्रवार को पर्यावरण मंत्रालय सहित अन्य संबंधित विभागों को वीडियो और फोटो साक्ष्य के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कंपनी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने पत्र लिखकर मांगी मदद
पड़वा क्षेत्र के ग्रामीणों ने गौरव सिंह को शुुुुुुक्रवार को पत्र के माध्यम से कंपनी की गतिविधियों की शिकायत करते हुए सहायता की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी सदाबाह नदी के भीतर घुसकर 15 मीटर का सेफ्टी बैरियर तोड़कर अवैध खनन कार्य कर रही है। खनन के दौरान निकलने वाला गंदा पानी पंप और पाइपलाइन के जरिए सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी प्रदूषित हो रही है।
बिना जिला वन कार्यालय के अनुमति के रैयती और सरकारी भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई कर उन्हें मिट्टी में दबा दिया गया है। कोयला क्रशर और कोयला परिवहन से फैल रहे धूल एवं प्रदूषण को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए हैं, जबकि पर्यावरण मंजूरी में ऐसा करना अनिवार्य था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी, जल स्रोतों के दूषित होने और खेती पर नकारात्मक असर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अंचल अधिकारी, पड़वा की ओर से कंपनी को 14 एकड़ 58 डिसमिल सरकारी भूमि पर अवैध खनन और कोयला भंडारण को लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। इसके बावजूद कंपनी के कार्यों में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार