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मालदा, 5 दिसंबर (हि.स)। मालदा जिला अदालत ने 2015 में हुई एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए उज्जवल उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार को एडीजे तृतीय कोर्ट की न्यायाधीश संघमित्रा पोद्दार ने सजा का ऐलान किया।
घटना 25 दिसंबर 2015 की है, जब बामनगोला थाना क्षेत्र की 12वीं क्लास की छात्रा बुआ के घर जाने के क्रम में लापता हो गई। अगले दिन सुबह घर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक खेत में उसका अर्धनग्न क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के बाद बेल्ट से गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान 29 दिसंबर को पास के गांव के युवक उज्ज्वल उरांव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 24 मार्च 2016 को चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान 17 गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
सरकारी पक्ष के वकील अमिताभ मैत्रा ने बताया कि अदालत ने दोषी को दुष्कर्म मामले में दस साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने (अदा न करने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा) की सजा) की सुनाई है। सजा सुनाते समय पीड़िता का परिवार अदालत में मौजूद था।
पीड़िता के पिता ने कहा, मेरी बेटी पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। भूगोल में ऑनर्स करना चाहती थी। उसकी जिंदगी और सपने सब छिन गए। हमने इस जघन्य अपराध के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार