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सारण, 5 दिसंबर (हि.स.)। जिलाधिकारी अमन समीर की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्री- कॉन्सेप्शन एंड प्री- नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड केंद्रों से संबंधित आवेदनों पर नियमानुसार विचार करना था। बैठक में कुल 15 आवेदनों को समिति के समक्ष रखा गया। इनमें से 14 मामले जिले में पहले से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के नवीनीकरण से संबंधित थे जबकि एक नया आवेदन एक अल्ट्रासाउंड सेंटर की स्थापना की अनुमति हेतु प्राप्त हुआ था।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अमन समीर ने एक्ट के प्रावधानों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने समिति के सदस्यों को निर्देश दिया कि प्रस्तुत किए गए सभी आवेदनों के संबंध में प्री- कॉन्सेप्शन एंड प्री- नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट के तहत अनिवार्य शर्तों और प्रक्रियाओं को शामिल करते हुए एक विस्तृत चेकलिस्ट अविलंब तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संबंध में कोई भी निर्णय पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ और एक्ट के कठोर प्रावधानों का शत- प्रतिशत पालन करते हुए लिया जाना चाहिए। यह कदम लिंग चयन को रोकने और कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए अधिनियम के मूल उद्देश्य को बनाए रखने हेतु आवश्यक है।
बैठक में सिविल सर्जन, विधि शाखा प्रभारी समेत जिला सलाहकार समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे, जिन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप कार्य योजना को तुरंत अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार