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गुवाहाटी, 04 दिसंबर (हि.स.)। हिंदू सुरक्षा सेना, असम ने उच्चतम न्यायालय और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप पूरे देश के साथ-साथ असम में भी चल रहे अवैध विदेशियों को निर्वासित करने के अभियान को और अधिक व्यापक और तेज करने की मांग की है।
संगठन की ओर से जारी एक बयान में केंद्रीय समिति के अध्यक्ष कंचन नाथ और महासचिव आकाश सैकिया ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम मौजूद होने के बावजूद अब तक केवल लगभग 100–150 लोगों को ही निर्वासित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया को रोकने के लिए कुछ “वाम-इस्लामिक समूह” सक्रिय हो रहे हैं।
बयान में कहा गया कि हालिया अभियान का असर बरपेटा, धुबड़ी और ब्रह्मपुत्र के चर क्षेत्रों में खास तौर पर दिखाई नहीं दे रहा है, जिन्हें संगठन ने अवैध प्रवासियों के मजबूत ठिकाने बताया। संगठन ने मध्य असम, निचले असम और चर क्षेत्रों में अभियान और तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर सेना की सहायता भी ली जानी चाहिए।
केंद्रीय सचिव मितुन दास ने असम सरकार द्वारा राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और “लव जिहाद” के खिलाफ कानून लाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसकी जल्द से जल्द क्रियान्वयन प्रक्रिया शुरू करने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश