लखनऊ से आई टीम ने की योजना की जमीनी पड़ताल, लाभार्थियों से सीधे मिलकर जाना हाल
अंत में अधिकारियों ने तहसील नरैनी के बड़ोखर बुजुर्ग, मोतिहारी, गुड़ाकला और पनगरा गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से यह जाना कि प्राप्त धनराशि का उपयोग उन्होंने किन-किन कार्यों में किया और योजना की जानकारी उन्हें किस स्तर पर मिली।
लाभार्थी के घर पहुंची टीम


बांदा, 2 दिसंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश शासन के नियोजन विभाग से आए ज्येष्ठ मूल्यांकन अधिकारी डॉ. संतराम और पंकज वर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की जमीनी हकीकत परखने के लिए जनपद के विभिन्न तहसीलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजना की उपयोगिता, लाभ मिलने की प्रक्रिया और उससे हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की जानकारी ली।

टीम ने सबसे पहले तहसील बबेरू के मुरवल, अहार, छिलौला, जामू और पवई गांवों का भ्रमण किया। यहां लाभार्थियों से बातचीत करते हुए अधिकारियों ने जाना कि योजना के तहत प्रदान की जाने वाली 5 लाख रुपये की सहायता ने उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों से उबारने में कितनी मदद की। उन्होंने यह भी पूछा कि लाभ प्राप्त करने में कहीं कोई दिक्कत तो नहीं हुई।

इसके बाद टीम तहसील अतर्रा के बिसंडा, आऊ, बदौसा और तुर्रा गांवों पहुंची। यहां भी लाभार्थियों ने योजना के सकारात्मक प्रभावों और अपने अनुभव साझा किए।

अंत में अधिकारियों ने तहसील नरैनी के बड़ोखर बुजुर्ग, मोतिहारी, गुड़ाकला और पनगरा गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से यह जाना कि प्राप्त धनराशि का उपयोग उन्होंने किन-किन कार्यों में किया और योजना की जानकारी उन्हें किस स्तर पर मिली।

निरीक्षण के दौरान संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार मनोज कुमार, एलआरसी महेन्द्र कुमार सहित संबंधित गांवों के लाभार्थी मौजूद रहे। टीम ने अधिकारियों से योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत जानकारी भी हासिल की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह