‘वंदे मातरम्’ राष्ट्र की आत्मा, पहचान और गौरव का प्रतीक है : नायब सिंह सैनी
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे, अम्बाला में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम चंडीगढ़, 7 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, धड़कन और पहचान है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मां
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी वंदे मातरम समाराेह के दाैरान लाेगाें काे संबाेधित करते हुए


‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे, अम्बाला में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

चंडीगढ़, 7 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, धड़कन और पहचान है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मां अम्बा की पावन धरती अम्बाला में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् की अमर भावना को नमन किया। उन्होंने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया तथा स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत के स्वराज्य आंदोलन की चेतना का उद्गार है। इस गीत ने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारतवासियों में आत्मबल, अनुशासन और त्याग की भावना जगाई थी। उन्होंने कहा कि यह गीत वह दिव्य शक्ति है जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को हिला दिया था और युवाओं के भीतर क्रांति की ज्योति प्रज्वलित की। अंग्रेज़ इस गीत से डरते थे क्योंकि इसमें हथियारों से करोड़ गुना अधिक शक्ति थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है, सन् 1857 में स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी अम्बाला की पवित्र भूमि से ही उठी थी। यह वही धरती है जिसने वीरता को न केवल लिखा बल्कि जिया भी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इन वीर सपूतों की स्मृति में अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को पाँच संकल्प लेने की अपील की। इनमें भारत प्रथम यानि हर कार्य में राष्ट्र सर्वोपरि है। इसी प्रकार तुष्टिकरण नहीं के जरिये समग्र एवं संतुलित विकास का मार्ग अपनाने का आह्वान किया। साथ ही तीसरे संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक न्याय व अवसर, सम्मान यानि समाज के हर वर्ग को समान सम्मान मिले। वहीं, स्वदेशी और नवाचार के आह्वान के रूप में आत्मनिर्भरता की तेज यात्रा का चौथा संकल्प तथा साथ ही पांचवे संकल्प के रूप में राष्ट्र विरोधी शक्तियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात कही।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा