सिरसा: नगर परिषद ने अवैध मार्केट में नौ दुकानों को किया सील
सिरसा, 7 नवंबर (हि.स.)। नगर परिषद सिरसा ने शुक्रवार को शहर के हिसार रोड पर अवैध तरीके से बनाई गई मार्केट में करीब 9 दुकानों को सील कर दिया गया। विभागीय कार्रवाई से दुकान मालिक खफा हो गए और सील करने के लिए आए अधिकारियों का विरोध किया। नगर परिषद ने ज
नगर परिषद द्वारा सील की गई दुकानें।


सिरसा, 7 नवंबर (हि.स.)। नगर परिषद सिरसा ने शुक्रवार को शहर के हिसार रोड पर अवैध तरीके से बनाई गई मार्केट में करीब 9 दुकानों को सील कर दिया गया। विभागीय कार्रवाई से दुकान मालिक खफा हो गए और सील करने के लिए आए अधिकारियों का विरोध किया। नगर परिषद ने जहां यह कार्रवाई दुकानों की भूमि को आवासीय बता कर की है तो वहीं भूमि मालिकों का यह दावा है कि यह पूरी तरह से व्यवसायिक है और एसडीएम कोर्ट भी इसे मान चुका है। आनन-फानन में दुकानें सील करने के बाद दुकानदार परेशान है, क्योंकि मौके पर उन्हें नई जगह की तलाश करनी पड़ रही है जिससे उनके काम पर असर पड़ रहा है।

दुकानदारों ने विरोध जताते हुए इसे गैरकानूनी बताया और मामले की शिकायत लेकर कोर्ट जाने की बात भी कही। जानकारी के अनुसार हिसार रोड स्थित नहर कालोनी के सामने बनी करीब 9 दुकानों को सील करने पहुंचे। विभागीय टीम के आने के बाद यहां के किरायेदारों व दुकान मालिकों ने सामान निकालना शुरू कर दिया। जैसे जैसे दुकानें खाली होती गई नप के कर्मचारी दुकानों को सील करने लगे, परंतु कुछ समय बाद ही वहां एकत्रित दुकानदार इसका विरोध करने लगे। मौके पर मौजूद अधिकारियों से अनुमति के कागज व पहचान पत्र मांगने लगे। तभी अधिकारियों ने नगर परिषद के जेई होने का दावा किया लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए।

इस दौरान कुछ समय के लिए सील करने की कार्रवाई को रोक दिया गया। यहां मौजूद दुकान मालिक राजकुमार, मोहित, सत्यारानी, रामनाथ, प्रवीण मेहता ने बताया कि कुछ लोग और नोटिस चस्पा गए। इसके बाद आज सील करने के लिए भी पहुंच गए। आज तक अधिकारियों ने ऐसी तत्परता नहीं दिखाई की 25 घंटे में ही कार्रवाई कर दें। लेकिन ये द्वेष की भावना से की गई है। उन्होंने बताया कि हमने अधिकारियों से मोहल्त मांगी की कोर्ट से कुछ समय में ही स्टे ऑडर मिल जाएगा। लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी और दुकानों से बाहर सामान निकालना शुरू कर दिया। राजकुमार ने बताया कि नगर परिषद इस भूमि को रिहायशी बता रहा है तो वहीं एसडीएम कोर्ट की ओर से हमें बताया गया कि यह भूमि व्यवसायिक है। एसडीएम कोर्ट से यह भी कहा गया कि हमने इस भूमि को 8500 रुपये गज के हिसार से खरीदा है, जबकि व्यवसायिक के अनुसार यह 55000 रुपये गज बनता है। विरोध कर रहे दुकान मालिकों ने कहा कि नप अधिकारियों के खिलाफ अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma