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गोरखपुर, 7 नवंबर (हि.स.)। सीएमओ डॉ राजेश झा ने शुक्रवार काे अचानक सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) पहुंच कर तीन अलग-अलग सरकारी एम्बुलेंस की जांच की। उन्होंने एम्बुलेंस में उपलब्ध दवाओं, सुविधाओं और रिकॉर्ड आदि की चेकिंग की। साथ ही रेंडम कॉल कर लाभार्थी से एम्बुलेंस सेवा का फीडबैक लिया। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह भी समय-समय पर एम्बुलेंस की जांच करते रहें। सम्यक जांच के बाद ही किसी एम्बुलेंस की सेवा का वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए। वहीं, एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी ने भी जिला महिला अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस की विस्तृत जांच की।
दोपहर बाद सहजनवां सीएचसी पहुंच सीएमओ डॉ झा ने अधीक्षक डॉ व्यास कुशवाहा के साथ परिसर में मौजूद 102 और 108 नंबर के एम्बुलेंस की जांच की। वह एम्बुलेंस के भीतर गए और वहां मौजूद दवाओं, उपकरणों और लॉग बुक आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधीक्षक से कहा कि एम्बुलेंस में किसी भी प्रकार की दवा की कमी नहीं होनी चाहिए। उपकरणों, दवाओं और मूवमेंट की नियमित जांच होते रहनी चाहिए। एम्बुलेंस के रिकॉर्ड से सीएमओ ने एक महिला मरीज का मोबाइल नंबर लिया और उनसे फोन करके तस्दीक की कि उन्होंने एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल किया है या नहीं। सीएमओ ने उनसे यह भी पूछा कि कहीं सेवा के बदले पैसे तो नहीं लिए गए। महिला मरीज ने सेवा के प्रति संतुष्टि जताई।
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि जिले में 108 नंबर की 46 और 102 नंबर की 50 एम्बुलेंस निःशुल्क सेवाएं दे रही हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति में 108 नंबर एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल कर अस्पताल पहुंच सकते हैं, जबकि 102 नंबर एम्बुलेंस गर्भवती, प्रसूता व जच्चा बच्चा को पिक एंड ड्रॉप की सुविधा देती हैं। एम्बुलेस का नियमानुसार संचालन हो सके, इसके लिए समय समय पर जांच की जाती रहेगी।
सीएमओ ने सहजनवां सीएचसी और तुर्कमानपुर शहरी स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया और वहां के उपस्थिति पंजिका की जांच की। सहजनवां सीएचसी पर एक चिकित्सा अधिकारी और दो स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। तुर्कमानपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर उन्होंने फार्मेसी व पैथालॉजी आदि सेवाओं की जांच की और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं देने को कहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय