तूत्तुकुडी में चक्रवात के चलते मछुआरों को पांचवें दिन भी समुद्र में जाने से रोका गया
तूत्तुकुडी, 28 नवंबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ''तिदवाह'' काे देखते हुए तूत्तुकुडी में मछुआरों को पांचवें दिन भी समुद्र में जाने पर लगी रोक जारी रही। पिछल पांच दिनों से लगी रोक से जिले के 50 हजार से अधिक मछुआरों की आजीविका प्रभावित ह
तूफान चेतावनी झंडी


तूत्तुकुडी, 28 नवंबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'तिदवाह' काे देखते हुए तूत्तुकुडी में मछुआरों को पांचवें दिन भी समुद्र में जाने पर लगी रोक जारी रही। पिछल पांच दिनों से लगी रोक से जिले के 50 हजार से अधिक मछुआरों की आजीविका प्रभावित हुई है।

भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र अनुसार इस चक्रवात के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 30 तारीख तक तमिलनाडु के उत्तर, पुडुचेरी और इसके सटे दक्षिण आंध्र तटीय क्षेत्रों में तट पर पहुंचने की संभावना है। इससे तमिलनाडु के दक्षिण में कई स्थानों पर, तमिलनाडु के उत्तर में कुछ स्थानों पर, पुडुचेरी और आंध्र तटीय जिलों में बिजली और चमक के साथ भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

इस तूफान चेतावनी के कारण तूत्तुकुड़ी जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इसके चलते आज पांचवें दिन भी बड़े और छोटे मछली पकड़ने वाले नाव को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। इससे लगभग 3,000 से अधिक छोटी नावें और 300 से अधिक बड़े मछली पकड़ने वाले जहाजों को बंदरगाहों पर किनारे ही रोक दिया गया है। इससे पूरे जिले के लगभग 50 हजार से अधिक मछुआरों की आजीविका प्रभावित हुई है।

बारिश के कारण मछली बिक्री नहीं हो रही और बंदरगाह खाली पड़े हैं। खतरनाक खराब मौसम की चेतावनी देने के लिए वाउसी बंदरगाह पर 4 नंबर की तूफान चेतावनी झंडा लहरा रहा है। जिले में कल रात से बारिश जारी रहने के बावजूद, जिला प्रशासन ने स्कूलों और महाविद्यालयों को आज अवकाश नहीं रखा।

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV