एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाने पर ‘खूनखराबे’ की धमकी, तृणमूल नेता का बयान विवादों में
कोलकाता, 18 नवंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता का आपत्तिजनक बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। स
एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाने पर ‘खूनखराबे’ की धमकी, तृणमूल नेता का बयान विवादों में


कोलकाता, 18 नवंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)

के बीच तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता का आपत्तिजनक बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नेता बाबू दास को यह कहते सुना गया कि यदि राज्य में एक भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मंगलवार को इसका वीडियो वायरल हुआ है। बताया गया है कि वे सोमवार को बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित सुपुर गांव में हुए एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे जब उन्होंने खून खराबे की धमकी दी। उल्लेखनीय है कि, इस कार्यक्रम में तृणमूल विधायक चंद्रनाथ सिन्हा भी मौजूद थे। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

वीडियो में बाबू दास कथित तौर पर कहते सुने गए कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कोई समस्या नहीं है, लेकिन यदि एक भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया, तो वे कठोर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर वे आरोपितों का ‘दाह संस्कार’ करने तक की बात करेंगे और भाजपा एजेंटों को पास की अजय नदी में बहा देने की धमकी भी दी।

विवादित बयान पर मंच पर बैठे विधायक चंद्रनाथ सिन्हा की ओर से किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं आई।

घटना के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के बोलपुर जिला अध्यक्ष श्यामपद मंडल ने कहा कि तृणमूल नेता बार-बार हिंसा की धमकी दे रहे हैं और यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा संचालित है, भाजपा इससे जुड़ी नहीं है, लेकिन तृणमूल इसे राजनीतिक रंग दे रही है।

यह पहली बार नहीं है जब तृणमूल नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आक्रामक बयान दिए हों। तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, तो वे एक लाख लोगों के साथ चुनाव आयोग के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन करेंगे।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर