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गुवाहाटी, 18 नवंबर (हि.स.) । नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (पूसीरे) ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जोन में सौर क्षमता बढ़ाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंलजल किशोर शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 31 अक्टूबर तक, एनएफआर ने वर्ष 2011 से अब तक अपने विभिन्न स्टेशनों, कार्यालयों, कार्यशालाओं और सर्विस बिल्डिंगों में कुल 11.95 एमडब्ल्यूपी रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित की है। ये प्रतिष्ठान कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया, लामडिंग और तिनसुकिया मंडलों सहित मालीगांव स्थित मुख्यालय और इसकी कार्यशालाओं में किए गए हैं। यह पहल भारतीय रेलवे के हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के मिशन का हिस्सा है।
वित्त वर्ष 2025–26 में 31 अक्टूबर तक एनएफआर ने अपने जोन के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर 2.80 एमडब्ल्यूपी अतिरिक्त सौर क्षमता स्थापित की है। इसके परिणामस्वरूप प्रतिमाह लगभग 8.98 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता प्राप्त हुई है, जिससे करीब 66 लाख रुपये की औसत मासिक बचत दर्ज की गई है। सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 38 एमडब्ल्यूपी तक पहुंचाने के लिए कार्य पांचों मंडलों के साथ-साथ मुख्यालय एवं कार्यशालाओं में तेजी से प्रगति पर है। इसके अलावा, मुख्यालय में 1.73 एमडब्ल्यूपी की नई सौर परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
एनएफआर भविष्य में भी कैपेक्स और रेसको मॉडल के तहत नई परियोजनाओं के माध्यम से अपने नवीकरणीय ऊर्जा नेटवर्क को विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन पहलों से स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और लागत में भी पर्याप्त बचत सुनिश्चित होगी। सुव्यवस्थित योजना और निरंतर निगरानी के साथ एनएफआर उत्तर-पूर्व क्षेत्र में एक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल रेलवे नेटवर्क की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश