चित्तौड़गढ़ डीएम आलोक रंजन राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित, राष्ट्रपति की रही मौजूदगी
चित्तौड़गढ़, 18 नवंबर (हि.स.)। जिला कलक्टर आलोक रंजन को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार तथा जल संचय-जन भागीदारी पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान चित्तौड़गढ़ जिले
चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर आलोक रंजन का राष्ट्रीय स्तर पर हुआ सम्मान।


चित्तौड़गढ़, 18 नवंबर (हि.स.)। जिला कलक्टर आलोक रंजन को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार तथा जल संचय-जन भागीदारी पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान चित्तौड़गढ़ जिले में जल संचय जन भागीदारी 1.0 कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के फलस्वरूप जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जिले को पश्चिमी जोन की श्रेणी 3 में 25 लाख रुपए की राशि भी प्रदान की गईं। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि जल का कुशल उपयोग आज वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। भारत के संदर्भ में इसकी महत्ता और बढ़ जाती है, क्योंकि देश की विशाल जनसंख्या की तुलना में उपलब्ध जल संसाधन सीमित हैं। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों द्वारा जल संरक्षण तथा इसके सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया। राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य जनमानस में जल संरक्षण की भावना को प्रबल करना तथा जल उपयोग की सर्वोत्तम पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जल संचय जन भागीदारी पहल सामुदायिक सहभागिता और संसाधनों के समन्वय के माध्यम से कृत्रिम भूजल पुनर्भरण के विविध, प्रभावी और अनुकरणीय मॉडलों को विकसित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जल संचय जन भागीदारी 1.0 भारत सरकार का एक व्यापक सामुदायिक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्भरण को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत बनाना है। बढ़ते भूजल संकट, घटते जलस्तर और अनियमित वर्षा जैसी चुनौतियों को देखते हुए यह अभियान सरकार, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन को एकजुट कर प्रभावी कार्य करने पर केंद्रित है। इसमें चित्तौड़गढ़ जिले में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग, वन विभाग, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग, जल संसाधन विभाग आदि की संयुक्त टीमों द्वारा 7,540 जल संग्रहण एवं भूजल पुनर्भरण संरचना जैसे एनिकट, चेकडेम, तलाई, परकोलेशन टैंक, रूफ-टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, सोक-पिट और रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण एवं जीर्णोद्धार किया गया।

वहीं 1 अप्रेल 2024 से 15 जुलाई 2024 तक चलाए गए विशेष अभियान का प्रभाव जिले के भूजल स्तर में स्पष्ट रूप से देखा गया। भूजल विभाग की और से जारी 2024 के मानसून पूर्व एवं मानसून बाद आंकड़ों के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले में भूजल स्तर में 13.99 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि राज्य में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि जिले के सुनियोजित प्रयासों और जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण की सफलता को प्रमाणित करती है। इधर, जिला कलक्टर के सम्मानित होने पर प्रशासनिक अमले में भी खुशी दिखाई दी तो यह चित्तौड़गढ़ के लिए भी गर्व की बात है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल