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उरई, 15 नवम्बर (हि.स.)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने शनिवार को 3 साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है।
बता दें कि, मामला कोतवाली जालौन क्षेत्र का है, जहां 19 अगस्त 2022 को एक नाबालिग किशोरी के साथ दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 155/2022 में गंभीर धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपित जीतू सिंह उर्फ जीतू कुशवाहा पुत्र दिनेश कुमार और मलखान सिंह पुत्र जीवनलाल, निवासी व्यासपुरा, किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने बाड़े में ले गए और उसे बंद कर दुष्कर्म किया।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही 20 अगस्त 2022 को पहले आरोपित जीतू सिंह को और 16 सितम्बर 2022 को दूसरे आरोपित मलखान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचक ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और गवाहों के आधार पर प्रभावी विवेचना की और 3 अक्टूबर 2022 को दोनों आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। तीन साल तक चले ट्रायल के बाद अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता बृजलाल सिंह राजपूत की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की स जासुनाते हुए 62-62 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा