Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नई दिल्ली, 03 अक्टूबर (हि.स.)। डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म चैटरबॉक्स टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 115 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 135 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के इस शेयर की चाल में उतार चढ़ाव होता रहा। खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 136 रुपये के स्तर तक पहुंचा, वहीं बिकवाली का दबाव बनने पर ये फिसल कर 128.25 रुपये के स्तर तक भी आया। पूरे दिन के कारोबार के बाद इसने 14 रुपये की मजबूती के साथ 129 रुपये के स्तर पर आज के कारोबार का अंत किया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 12.17 प्रतिशत का मुनाफा हो गया।
चैटरबॉक्स टेक्नोलॉजीज का 42.86 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 29 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 52 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 38.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 82.30 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 46.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 37,27,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 8.53 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 8.86 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 7 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 59.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 8.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 16.65 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में कम होकर 15.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक