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एलएलटी कॉलेज में स्वागत सह विदाई समारोह का आयोजन
सहरसा,25 नवंबर (हि.स.)।एमएलटी कॉलेज के शिक्षा शास्त्र (बीएड) विभाग में नव आगंतुक प्रशिक्षुकों का स्व
सहरसा-समारोह का आयोजन


सहरसा-समारोह का आयोजन


सहरसा,25 नवंबर (हि.स.)।एमएलटी कॉलेज के शिक्षा शास्त्र (बीएड) विभाग में नव आगंतुक प्रशिक्षुकों का स्वागत सह पुराने प्रशिक्षुओं की विदाई समारोह आयोजन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी कुलपति सह प्रति कुलपति बीएनएमयू प्रो.डॉ.आभा सिंह ने कहा शिक्षक एवं छात्र अपने कर्तव्यों का पालन करें।

छात्रों में शिक्षा के प्रति ललक पैदा करना शिक्षकों का पुनीत कर्तव्य है। जो एक चुनौती भरा है। शिक्षा का अर्थ व्यक्तित्व का विकास करना होता है। हमारा चरित्र सत्य, शिव और सौंदर्य से भरा होना चाहिए। उच्च शिक्षा का आधार प्राथमिक शिक्षा है। उन्होंने कहा आज की शिक्षा केवल डिग्री लेने और देने भर की रह गई है। शिक्षा में ह्रदय विदारक गिरावट हमारे समाज को कहां ले जा रहा है। इस पर हम शिक्षकों को मनन करना पड़ेगा।

महाविद्यालय में इंटरमीडिएट, बीए,एमए में अधिकांश छात्र अंग्रेजी को कौन कहे हिंदी में भी ढंग से नहीं लिख पाते जो दुखद पहलू है। बीएड में नामांकन लेने वाले छात्र शिक्षक की श्रेणी में आ जाते हैं। अतः उन्हें शुरुआती से ही शिक्षा के प्रति जिम्मेदार बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा आज के दौर में उच्च शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने का संस्थान रह गया है। शिक्षा का अर्थ है व्यक्तित्व का विकास होना। नई शिक्षा नीति श्रवण, मनन और निज अध्ययन की पद्धति को दर्शाता है। वर्ग में छात्र जो शिक्षकों से सुनते हैं उस पर मनन करें तो ज्यादा बेहतर होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो.डॉ.डी.एन.साह.ने कहा बीएड विभाग महाविद्यालय का आभूषण होता है। उन्होंने कहा पूरे विश्व विद्यालय में एमएलटी कॉलेज के बीएड विभाग का परीक्षा फल सबसे अच्छा रहा है। वर्ग में छात्र एकाग्र होकर पढ़ें। जिससे ज्ञान में काफी वृद्धि होगी। महाविद्यालय छोड़ने वाले छात्र अपनी छाप छोड़ जाते हैं। जिसे आने वाले छात्र उनके उनके पद चिन्हों पर चलने का प्रयास करते हैं। दृढ़ संकल्प से बाधा की बेड़ियां कट जाती हैं।

कार्यक्रम का संचालन सिंकु आनंद द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो.डॉ.आभा सिंह को पाग व चादर से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो.डा.आभा सिंह, प्रधानाचार्य प्रो.डॉ.डी.एन.साह, शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ.सुप्रिया सिन्हा के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। छात्रों के द्वारा मां शारदे कहां तू बिना बजा रही है सरस्वती वंदना एवं मंगलमय दिन आज हे पाहुन आयल मोर आंगन स्वागत गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। छात्रा स्वाति आनंद को प्रति कुलपति द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/अजय


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