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कुशीनगर में बोधि वृक्ष के पौधे रोपेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
-देहरादून के वन अनुसन्धान विभाग से मंगाया जा रहा पौधा कुशीनगर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन
प्रधानमंत्री मोदी


-देहरादून के वन अनुसन्धान विभाग से मंगाया जा रहा पौधा

कुशीनगर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर को उप्र के कुशीनगर में महापरिनिर्वाण मन्दिर परिसर में बोधि वृक्ष के पौधे रोपेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का उद्यान विभाग इसकी तैयारियां कर रहा है।

यह पौधा विशेष रूप से देहरादून से मंगाया जा रहा है। बोधि वृक्ष का पौधा देहरादून स्थित वन अनुसंधान विभाग के वैज्ञानिकों की देखरेख में तैयार होता है। बोधि वृक्ष रोपण की जानकारी केंद्रीय संस्कृति सचिव अमिता प्रसाद साराभाई ने दी।

बौद्ध धर्मावलम्बियों के लिए यह पौधा धार्मिक रुप से काफी महत्व रखता है। पूरे विश्व में शांति का आह्वान करने वाले भगवान बुद्ध को बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ही ज्ञान मिला था।

बोधि वृक्ष की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विदेश नीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोधि वृक्ष के पौधे को दो देशों के मध्य रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने का नया जरिया बनाया है। चीन यात्रा के दौरान उन्होंने बोधिवृक्ष के पौधे को चीनियों को भेंट कर भगवान बुद्ध के शांति के मार्ग की अहमियत को रेखांकित करने की कोशिश की थी। मंगोलिया यात्रा के दौरान भी वहां के शासक को प्रधानमंत्री ने यह पौधा सौंपा था।

इससे पहले भी अपनी विदेश यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बौद्ध धर्म को मानने वाले कई देश के प्रतिनिधियों को यह पौधा सौंप चुके हैं। कोरिया, थाइलैंड, नेपाल एवं वियतनाम भी इसमें शामिल हैं।

भूटान के प्रधानमंत्री को बोधगया दौरे के दौरान ही बोधि वृक्ष का पौधा सौंपा गया था। कुशीनगर के प्रमुख बौद्ध भिक्षु भंते अशोक ने बताया कि बोधि वृक्ष दुनिया भर के बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की आस्था का प्रतीक है। यह हमारे लिए अत्यंत ही पवित्र है।

हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल


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