जिंदगी को आह आह के साथ नहीं वाह वाह के साथ जिएं - संत ललित प्रभ
जोधपुर, 03 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्र-संत ललितप्रभ ने कहा कि इस जिंदगी को हम भुनभुनाते हुए नहीं गुनगुनाते हुए जीएं। अपने जीवन का पहला मूलमंत्र इसे बना लें कि मैं यह जीवन आह... आह... करके नहीं वाह... वाह... कहते जीऊंगा। जब भी हम वाह... कहते हैं तो यह
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