वाराणसी : जब चित्र बने प्रतिरोध की आवाज और माचिस की डिबिया बनी भारत की कहानी, शोधपत्र में आए तथ्य
—बीएचयू के व्यवहारिक कला विभाग के दो शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय मंच पर होंगे प्रस्तुत वाराणसी, 28 सितंबर (हि.स.)। चित्र केवल कहानी कहने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक स्मृति, पहचान और प्रतिरोध की आवाज भी बन सकते हैं। इसी तरह रोजमर्रा की जिंदगी में इस्ते

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