जिला परिषद की विशेष बैठक में 16वें वित्त आयोग एवं षष्टम राज्य वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा
सुपौल, 08 अगस्त (हि.स.)। जिला परिषद, सुपौल की विशेष बैठक शनिवार को जिला परिषद सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद के उपाध्यक्ष, सभी माननीय सदस्य एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की कार
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सुपौल, 08 अगस्त (हि.स.)। जिला परिषद, सुपौल की विशेष बैठक शनिवार को जिला परिषद सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में जिला परिषद के उपाध्यक्ष, सभी माननीय सदस्य एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई।

बैठक के दौरान मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, सुपौल इन्द्रवीर कुमार ने 16वें वित्त आयोग एवं षष्टम राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ली जाने वाली योजनाओं के चयन को लेकर विभागीय दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी सदस्यों को दी।

उन्होंने योजनाओं के चयन के लिए निर्धारित मापदंड, प्राथमिकताओं एवं आवश्यक प्रक्रियाओं से सभी सदस्यों को अवगत कराया। इस दौरान जिला परिषद क्षेत्र में कराए जाने वाले विकास कार्यों एवं योजनाओं को लेकर सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों से उनके-अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के संबंध में राय भी ली गई। सभी सदस्यों ने योजनाओं का चयन जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति व्यक्त की।

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक भारत सरकार से प्राप्त होने वाले अनुदान के त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण, उपयोग, क्रियान्वयन, व्यय एवं अंकेक्षण को लेकर विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने सदस्यों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी अर्हताओं एवं शर्तों का पालन करते हुए योजनाओं का चयन करने का अनुरोध किया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला परिषद के सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत 16वें वित्त आयोग एवं षष्टम राज्य वित्त आयोग के तहत चयनित योजनाओं की सूची 12 अगस्त 2026 तक जिला परिषद कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद प्राप्त प्रस्तावों को समेकित कर विभागीय पोर्टल पर ससमय अपलोड किया जाएगा।

बैठक में योजनाओं के शीघ्र चयन एवं क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वित्त आयोग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली राशि का उपयोग क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़ी आवश्यक योजनाओं में प्रभावी ढंग से किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र