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कोलकाता, 16 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने रविवार सुबह पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
दिलीप घोष ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए गए हैं और कानून भी बनाए गए हैं। पंचायतों और नगरपालिकाओं में इन्हें पहले ही लागू किया जा चुका है और यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बंगाल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी अधिक है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन जो लोग महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं, वे काम के समय कोई सहयोग नहीं करते। विपक्ष बाहर जाकर हंगामा और अव्यवस्था पैदा करता है, लेकिन कोई रचनात्मक कार्य नहीं करता। सरकार के काम में बाधा डालना ही उनका काम बन गया है।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के संबंध में दिलीप घोष ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को वंदे मातरम् गाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसका विरोध करते हैं और इसे नहीं गाते। इस संबंध में कानून भी बनाया गया है। अब इसके लिए कार्रवाई भी की जाएगी। यदि कोई इसका विरोध करता है या इसे गाने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कहा कि कई स्थानों पर सरकारी कर्मचारी भी भ्रष्टाचार में शामिल हैं। इनमें पुलिसकर्मी, भूमि विभाग के अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास काफी जानकारी आ रही है और मामले की जांच भी चल रही है।
बीरभूम जिले का उल्लेख करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि यह जिला गरीब है, क्योंकि वहां के नेताओं ने लूटपाट की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां के नेता करोड़ों रुपये के मालिक बन गए हैं और प्रत्येक के पास सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता