शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने टीईटी, पुरानी पेंशन व पदोन्नति की मांग को लेकर बस्तर सांसद को सौंपा ज्ञापन
बीजापुर, 16 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा, जिला बीजापुर के पदाधिकारियों ने जिला सह-संचालक कैलाश रामटेके के नेतृत्व में स्थानीय सर्किट हाउस में आज रविवार काे बस्तर सांसद महेश कश्यप से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को
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बीजापुर, 16 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा, जिला बीजापुर के पदाधिकारियों ने जिला सह-संचालक कैलाश रामटेके के नेतृत्व में स्थानीय सर्किट हाउस में आज रविवार काे बस्तर सांसद महेश कश्यप से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता, पुरानी पेंशन योजना तथा पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं को सांसद के समक्ष प्रमुखता से रखा। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2010 से देशभर में लागू हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों का मानना है कि कोई भी कानून जिस तिथि से लागू होता है, सामान्यतः उसका प्रभाव उसी तिथि से होना चाहिए। वर्षों पहले नियुक्त होकर करीब 30 से 35 वर्षों तक शिक्षण कार्य कर चुके शिक्षकों पर बाद में लागू प्रावधानों को पूर्व प्रभाव से लागू करना उचित नहीं है। इस व्यवस्था को लेकर देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।बस्तर सांसद महेश कश्यप ने शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विषयों पर चर्चा कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने मांग की कि इस मामले में संसद के माध्यम से आवश्यक अध्यादेश अथवा कानून में संशोधन कर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए। मोर्चा का कहना है कि वर्षों की सेवा और अनुभव को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। इसके साथ ही ज्ञापन में प्रथम नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन का लाभ प्रदान करने तथा सभी प्रशिक्षित शिक्षकों को उनकी योग्यता और पात्रता के आधार पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग भी की गई।

शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन और पदोन्नति जैसे मुद्दों पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने उम्मीद जताई कि सांसद के माध्यम से शिक्षकों की इन मांगों को केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय तक पहुंचाया जाएगा तथा लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी।

इस दाैरान सांसद प्रतिनिधि जिला राम राना सहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी अलीम रिजवी, विजय चापड़ी, मोहसिन खान, ओनेश्वर झाड़ी, बुधरूराम कोरसा और लच्छिन्दर हेमला उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे