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नई दिल्ली, 16 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के पाठ के कथित विरोध को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोला है। भाजपा ने कांग्रेस से इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
भाजपा मुख्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत का विरोध केवल ‘दिमागी नक्सल’ विचारधारा से प्रभावित लोग ही कर सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पांच सवाल भी पूछे।
भंडारी ने कथित तौर पर वंदे मातरम का अपमान किए जाने को लेकर कांग्रेस से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने को कहा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस विचारधारा के राजनीतिक संरक्षक हैं। उन्होंने एक ऑडियो का हवाला देते हुए कहा कि इसमें राहुल गांधी के वंदे मातरम नहीं गाने की बात कही गई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस सरकार ने भी आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पाठ नहीं किया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इन घटनाओं से कांग्रेस पर लगाए जा रहे राष्ट्रवाद की कमी के आरोपों को बल मिलता है और कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयान भी गलत साबित होते हैं।
भंडारी ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में 2026 में किए गए संशोधन का हवाला देते हुए दावा किया कि जानबूझकर वंदे मातरम का विरोध करना कानून की धारा 3 का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी विपक्ष के नेता पद के योग्य हैं।
वहीं, कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सली’ बताए जाने वाले बयान पर भी भंडारी ने निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि चिदंबरम के गृह मंत्री रहने के दौरान किसी शीर्ष नक्सली कमांडर को नहीं मारा गया, जबकि मोदी सरकार ने नक्सली खतरे को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कार्रवाई की और आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।--------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा